कृषि पर निबंध

Essay on Agriculture in Hindi

कृषि पर निबंध : Essay on Agriculture in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘कृषि पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप कृषि पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

कृषि पर निबंध : Essay on Agriculture in Hindi

प्रस्तावना:-

भारत एक कृषि प्रधान देश है। जहाँ ज्यादातर लोग कृषि को ही अपनी आजीविका के रूप में करते है। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है।

इतने विकास और परिवर्तन के बाद भी भारत में कृषि एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है। कृषि बहुत ही आवश्यक होती है। इसी से ही हमें भोजन की प्राप्ति होती है।

कृषि के बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता है। कृषि हम सभी के आहार का एक मुख्य स्रोत है। इसी से इंसानों और जानवरों के लिए खाना प्राप्त होता है।

कृषि का महत्व:-

कृषि का हम सभी के जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसी से हमें अनाज व सब्जियां प्राप्त होती है। यह इंसानों के खाने के साथ-साथ जानवरों को भी चारा प्रदान करता है।

कृषि इस प्रकृति द्वारा हमें दिया गया एक वरदान है। हम अपने भोजन के लिए पूरी तरह इस कृषि पर ही निर्भर है।

कृषि हमें खाने की आवश्यकता की पूर्ति के आलावा हमारे शरीर को ढकने के लिए कपड़ें की आवश्यकता की भी पूर्ति करती है।

इससे हमें कपड़ें बनाने के लिए कपास भी मिलता है और जुट भी इसी से प्राप्त होता है।

यह हमारे देश की अर्थव्यवस्था में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। देश की जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा आज भी कृषि पर ही निर्भर है।

कृषि में समस्या:-

  • ज्ञान की कमी:- कृषि के लिए हमें कृषि से सम्बन्धित सभी जानकारियों का पता होना चाहिए। यदि हमें इनकी पूरी तरह जानकारी नहीं है, तो सम्पूर्ण खेती ख़राब हो सकती है। खेती करने से पहले उसके बारे में आवश्यक जानकारियाँ एकत्रित करना बहुत जरुरी है।
  • जलवायु की समस्या:- भारत एक ऐसा देश है, जहाँ पर जलवायु समय-समय पर बदलती रहती है। कभी तापमान बहुत अधिक हो जाता है, तो कभी वर्षा बहुत कम या बहुत ज्यादा और कभी ठण्ड काफी हो जाती है। यें सभी फसलों के लिए हानिकारक है। जलवायु के इन परिवर्तनों से कईं बार फ़सलें ख़राब भी हो जाती है। ऐसे समय में कृषि करने में काफी समस्यायों और इसके नुकसानों को भी झेलना पड़ता है।
  • जागरूकता की कमी:- आज विकास के साथ कृषि के ऐसे तरीके आ गए है, जिनसे हम आसानी से खेती कर सकते है और अधिक फसलें भी ऊगा सकते है। लेकिन इसके लिए जागरूकता का होना अतिआवश्यक है। आज आधुनिक तकनीक से दुनियाभर में कृषि करना काफी सरल हो गया है। लेकिन, भारत में आज भी ज्यादातर किसानों के पास आधुनिक साधन नहीं है। वें आज भी पुराने तरीके से ही खेती कर रहे है। जिससे उन्हें फायदा कम होता है।
  • रासायनिक खाद का प्रयोग:- आजकल फसलों को कीड़ो से बचाने के लिए किसान रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे है। यह उस धरती के लिए ही नहीं बल्कि, मनुष्य के लिए भी घातक होता है। यदि किसान इनका उपयोग न करें तो उनकी फसलों की कीड़े खा जाते है। जिससे उन्हें कईं समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • सिंचाई की समस्या:- कृषि को करने के लिए जल की आवश्यकता होती है। इसलिए, खेती में बार-बार सिंचाई करनी पड़ती है। जिन जगहों पर पानी की समस्या होती है। वहां खेती के लिए सिंचाई की व्यवस्था करना काफी मुश्किल होता है। खेती के लिए सिंचाई सबसे महत्वपूर्ण होती है।
  • औजारों की कमी:- कईं किसान इतने गरीब होते है कि वें खेती के लिए आवश्यक औजार व बीज भी नहीं खरीद पाते है। जिनके बिना खेती करना मुमकिन नहीं है।

कृषि के प्रभाव:-

कृषि के दोनों प्रकार के प्रभाव निम्नलिखित है:-

सकारात्मक प्रभाव:-

  • भोजन प्राप्ति:- कृषि से हम सभी को जीने के लिए भोजन प्राप्त होता है। यह हमें जीवित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे जानवरों के लिए भी भोजन प्राप्त करता है। इसी से हमें सब्जियां व अनाज प्राप्त होते है।
  • कपड़े की प्राप्ति:- खेती से ही हमें कपास व जुट जैसी वस्तुएँ प्राप्त होती है। जो कपड़े बनाने में सहायक होती है। हमें कपडें के लिए भी सिंचाई पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
  • ठंडा वातावरण:- जिस स्थान पर खेती होती है, उस स्थान का वातावरण काफी ठंडा हो जाता है। क्योंकि, खेती में बार-बार सिंचाई की जाती है। इससे आसपास की जगह भी ठंडी हो जाती है।

नकारात्मक प्रभाव:-

  • मृदा प्रदूषण:- आजकल कृषि में फसल को कीड़ों से बचाने के लिए रसायनिक उर्वरकों का उपयोग किया जाता है, जो कि मृदा के लिए हानिकारक होती है। इससे मृदा प्रदूषण बढ़ता है।
  • जंगलों की कटाई:- कईं बार खेती की जगह बनाने के लिए लोग जंगलों को काट देते है, जिससे इस प्रकृति को भी काफी नुकसान होता है। जंगलों की कटाई करना इसका एक बहुत बड़ा नकारात्मक प्रभाव है।
  • वायु प्रदूषण:- कईं जगह फसलों को उगने के बाद उनकी कटाई की जाती है। कटाई के बाद जो कचरा बचता है उसे किसान जला देते है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। जिससे आसपास की जगह का तापमान भी बढ़ता है।

उपसंहार:-

कृषि एक बड़ा ही आवश्यक व्यवसाय है। यह भारत में कईं लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है और इस देश की अर्थव्यवस्थ में एक महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है।

यह कृषि हम सभी को जीवित रहने के लिए आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करती है। आज समय बदलने के साथ ही हमें कृषि के विकास के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है।

कृषि के लिए हमें आधुनिक तकनीकी का इस्तमाल करने की आवश्यकता है। इससे किसानों को मेहनत भी कम करनी पड़ेगी और उन्हें लाभ भी अधिक होगा।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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