कैंसर पर निबंध

Essay on Cancer in Hindi

कैंसर पर निबंध : Essay on Cancer in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘कैंसर पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप कैंसर पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

कैंसर पर निबंध : Essay on Cancer in Hindi

प्रस्तावना:-

मनुष्य के शारीरिक रूप से बहुत कम काम करने व आसपास के वातावरण के कारण उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अर्थात रोगों से लड़ने की क्षमता बहुत कम हो गई है।

जिससे आज के समय में बहुत सी बीमारियाँ उत्पन्न हो रही है। जिससे आज मनुष्य के सामने कईं गम्भीर बीमारियों ने जन्म ले लिया है।

अब कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का होना आम बात है। चिकित्सा विज्ञान ने बहुत अधिक तरक्की कर ली है।

आज ऐसी बीमारियों का इलाज तो मुमकिन है लेकिन, इससे मनुष्य को बहुत पीड़ा का सामना करना पड़ता है व साथ ही इन बीमारियों से वह शारीरिक व मानसिक के साथ आर्थिक रुप से भी कमजोर हो जाता है।

कैंसर का इतिहास:-

कैंसर शब्द की उत्पत्ति का श्रेय चिकित्सा के जनक माने जाने वाले यूनानी चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स को दिया जाता है।

उन्होंने अल्सर व गैर अल्सर से बनने वाले ट्यूमर का वर्णन करने के लिए 2 शब्दो का उपयोग किया, जो कार्सिनो और कार्सिनोमा थे।

इन शब्दों का ग्रीक भाषा में मतलब केकड़े से संबंधित बीमारियों से होता है। सन 2003 में एक शोध से पता चला कि कैंसर के सेल्स 80 करोड़ साल पहले पाए जाने वाले डायनासोर के जीवाश्मों में भी पाए गए।

सन 1932 में लुइस लीके नामक वैज्ञानिक ने बताया कि 4 करोड़ साल पहले होमो इरेक्टस में सबसे पुराना होमिनिड मेलिग्नेंट ट्यूमर पाया गया।

मिश्र की 3000 साल पुरानी कईं मम्मियों में भी इस बीमारी के सेल्स मिले है। मिश्र के मशहूर स्क्रॉल में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के 8 से अधिक मामलें लिखे गए है।

50वीं ईस्वी में इटली में चिकित्सकों ने पाया कि ट्यूमर को एक सर्जरी के माध्यम से हटाया जा सकता है। लेकिन, उन्होंने ये भी पाया कि इस पर किसी भी प्रकार की दवा का असर नही हो रहा है।

यह ट्यूमर फिर से बढ़ने लगता है। 1500 ईस्वी के लगभग यूरोप के देशों में इसके इलाज के लिए शवों पर परीक्षण किये गए। जिससे इसके बारे में बहुत सी जानकारी मिली है।

कैंसर के प्रकार:-

यह एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। वर्तमान समय में इसके 100 से अधिक प्रकार मौजूद है। इसमें सबसे अधिक होने वाले त्वचा कैंसर, मेलानोमा, लिम्फोमा, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, किडनी कैंसर है।

यदि महिलाओं की बात करें तो उनमें मुख्य रूप से स्तन, सर्वाइकल, कोलोरेक्टल, फेफड़े और थायराइड कैंसर जैसे कैंसर अधिक होने की संभावना होती है।

जबकि, पुरुषों में फेफड़े, पेट, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल और लिवर का कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है।

कैंसर होने के प्रमुख कारण:-

वर्तमान समय में कैंसर के अधिक फैलने का प्रमुख कारण मनुष्य का दिनचर्या है। मनुष्य आज अपने जीवन को खतरे में डाल रहा है। इस बीमारी के फैलने के प्रमुख कारण निम्नलिखित है:-

  • धूम्रपान
  • तम्बाकू
  • एक्स-रे से निकली रेज
  • सूरज से निकलने वाली यूवी रेज,
  • फैमिली के जीन
  • इंफेक्शन
  • खराब दिनचर्या
  • हानिकारक रसायन युक्त भोजन का सेवन
  • शारीरिक कार्यो का कम होना
  • खेती में पेस्टिसाइड का उपयोग बढ़ने से

कैंसर को कम करने के उपाय:-

आज चिकित्सा विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है लेकिन, आज भी कैंसर का कोई सटीक इलाज मौजूद नही है। आज ऑपरेशन के माध्यम से ट्यूमर को निकाला जाता है व थेरेपी द्वारा इसे बढ़ने से रोका जाता है।

इसके साथ हमें नशीले पदार्थों का सेवन को बिल्कुल बन्द करना होगा। इसके साथ हमें हानिकारक रसायनों का उपयोग कम करना होगा। खेती में उपयोग होने वाले खतरनाक पेस्टिसाइड का उपयोग को कम करना होगा।

उपसंहार:-

कैंसर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। आज 10 में से कम से कम 1 भारतीय व्यक्ति को कैंसर होने की संभावना है।

सन 2025 तक यह संख्या बढ़कर 16 लाख तक होने की संभावना है। इसलिए, इस बीमारी को रोकने के लिए बहुत से तरीके अपनाने होंगे।

प्रतिवर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस को मनाया जाता है। इस दिन सभी लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जाता है।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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