दुर्गा पूजा पर निबंध

Essay on Durga Puja in Hindi

दुर्गा पूजा पर निबंध : Essay on Durga Puja in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘दुर्गा पूजा पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप दुर्गा पूजा पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

दुर्गा पूजा पर निबंध : Essay on Durga Puja in Hindi

प्रस्तावना:-

भारत त्योहारों का देश है। यहाँ विभिन्न धर्म और पंत के लोग एक साथ मिलकर रहते है। यहाँ हर माह में कोई न कोई बड़ा त्यौहार होता है, जिसे सम्पूर्ण देश द्वारा बडे ही धूमधाम से मनाया जाता है।

भारत में 29 राज्य व 9 केंद्र-शासित प्रदेश है। सभी राज्यों के अपने-अपने लोक पर्व भी मनाए जाते है, उन्हीं में एक त्यौहार दुर्गा पूजा है।

दुर्गा पूजा भारत मे मनाए जाने वाले प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। यह मुख्य रूप से एक हिन्दू त्यौहार है। इसे पूरे भारत मे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

दुर्गा पूजा कब मनाई जाती है?

दुर्गा पूजा को पूरे भारत मे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसे दुर्गोत्सव व शरदोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो इसे पूरे भारत मे मनाया जाता है, लेकिन बंगाल में इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

दुर्गोत्सव को मनाने की तिथि शेष अन्य हिन्दू त्योहारों की तरह हिन्दू पंचाग के आधार पर ही निर्धारित की जाती है। हिन्दू पंचाग के अनुसार दुर्गा पूजा प्रतिवर्ष अश्विन माह व चैत्र माह में मनाई जाती है।

दुर्गा पूजा क्यों मनाई जाती है?

दुर्गा पूजा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षक का वध किया था।

कथा के अनुसार जब महिषासुर से लड़ते-लड़ते माँ दुर्गा पृथ्वी लोक पर आती है, तो वह युद्ध करते-करते वह बहुत थक जाती है। तब देवी-देवताओं ने उन्हें एक स्थान पर विश्राम दिया और उनकी पूजा की।

इस स्थान पर दुर्गा माता की मूर्ति की स्थापना करने के बाद इसकी पूजा की जाती है और तभी से इस त्यौहार को मनाया जाता है।

दुर्गा पूजा कैसे मनाई जाती है?

दुर्गा पूजा का पर्व पूरे 9 दिन तक मनाया जाता है। इन 9 दिनों में माता दुर्गा की मूर्ति को स्थापित किया जाता है। विधि-पूर्वक इस मूर्ति की पूजा की जाती है। इन 9 दिनों में लोगों द्वारा उपवास रखे जाते है।

इस दौरान माता के सभी मंदिरों को सजाया जाता है। सभी लोग भक्तिमय हो जाते है। मुख्य रूप से पूजा षष्टि से दशमी तक चलती है।

इसके साथ कईं जगहों पर मेलें व बाजार लगाए जाते है। बंगाल जैसे स्थानों पर इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

नवमी के दिन लोग घरों में लड़कियों को खाना खिलाते है और उनकी पूजा करते है। दशमी के दिन दुर्गा माता की मूर्ति को नदी व समुद्र के जल में विसर्जित कर दिया जाता है।

उपसंहार:-

भारत त्योहारों का देश है। यहाँ हर धर्म, जाति व समुदाय के अलग-अलग त्यौहार मनाए है। कईं त्योहारों को पूरे भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है, इन्हीं में से एक त्योहार दुर्गा पूजा है।

माता दुर्गा हिंदू धर्म की आराध्य माता है। उनकी पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है।

इसे भारत के पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, मणिपुर, ओडिशा, असम, बिहार, त्रिपुरा, आदि भारतीय राज्यों में बडे ही धूमधाम से मनाया जाता है। सभी लोग माता की पूजा करने के बाद उनसे खुशियों व अच्छे भविष्य की कामना करते है।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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