अंग तस्करी पर निबंध

Essay on Organ Trafficking in Hindi

अंग तस्करी पर निबंध : Essay on Organ Trafficking in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘अंग तस्करी पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप अंग तस्करी पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

अंग तस्करी पर निबंध : Essay on Organ Trafficking in Hindi

प्रस्तावना:-

अंग तस्करी का अर्थ मनुष्य के शारीरिक अंगों को गैर-क़ानूनी रूप से बेचना है। इसमें मनुष्य के शारीरिक अंगों को अवैध रूप से उसके शरीर से निकालकर बेचा जाता है।

यह एक गैर-क़ानूनी कार्य होता है। वर्तमान समय में अंग तरकारी भी एक व्यापार बन गया है, जिसमें लोगों को काफी पैसा मिलता है। इसलिए, यह कार्य गैर-क़ानूनी होने के बाद भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।

इस दुनिया में कईं लोग ऐसे है, जिनमें शारीरिक कमी होती है, जिस कारण ही अंग तस्करी बढ़ रही है। दुनिया के अमीर लोग ही अंग तस्करी को बढ़ावा देते है।

अंग तस्करी के कारण:-

  • गरीबी:- जब व्यक्ति गरीब होता है, तो वह कोई भी कार्य करने को तैयार हो जाता है। गरीबी मनुष्य को मजबूर कर देती है। जब वह आर्थिक रूप से कमजोर होता है और उसे पैसे की आवश्यकता होती है, तो वह अपने शारीरिक अंगों को बेचने के लिए भी तैयार हो जाता है या फिर वह इस अपराध में शामिल होकर अन्य लोगों के शारीरिक अंगों की तस्करी करता है।
  • हादसें:- वर्तमान समय में बीमारियों और हादसों के कारण कईं लोग अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंग खो देते है। गरीब लोग तो पुनः इन्हें नहीं प्राप्त कर पाते है लेकिन, अमीर लोग अपने धन के बल पर गलत तरीके से अंगों को तस्करी के जरिये बहुत बड़ी कीमत पर खरीद लेते है। यह भी एक मुख्य कारण है, जिससे अंग तस्करी का व्यापार लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है।
  • मांग अधिक व पूर्ति कम:- वर्तमान समय में स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ बढ़ती ही चली जा रही है, जिससे लोग अपने शरीर का कोई भी अंग खो देते है। यह मांग काफी बढ़ गई है लेकिन, अंगों को दान करने वाले लोग काफी सीमित होते है। जिस कारण जब लोगों को दान के जरिये अंग प्राप्त नहीं होते है, तो वें गैर-क़ानूनी रूप से अंगों को प्राप्त करने का प्रयास करते है।
  • चिकित्सीय संस्थाएं:- बिना चिकित्सीय सहायता के अंग तस्करी जैसे गैर-क़ानूनी कार्य सम्भव ही नहीं है। कईं अस्पताल ऐसे होते है, जहाँ चिकित्सक कुछ धन के लालच में आकर कईं बार जीवित लोगों के अंग भी निकाल लेते है और उन्हें बेच देते है। ऐसे कईं मामले सामने आये है, जिसमें चिकित्सकों ने गरीब व्यक्ति को सिर्फ अंगों के लिए मार दिया। अंग तस्करी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यही चिकित्सक होते है।
  • कानून के द्वारा सख्ती में कमी:- देश में इसके खिलाफ कानून तो बनाया गया है लेकिन, इसमें सख्ती नहीं की गई है। जब तक कोई मामला सामने नहीं आता है, तब तक प्रशासन इनकी कभी जांच ही नहीं करता है। जब कोई व्यक्ति इसका शिकार हो जाता है, तो धन देकर या फिर धमकी देकर चुप करवा दिया जाता है और उसे कानून के पास जाने नहीं दिया जाता है।

अंग तस्करी के प्रभाव:-

अंग तस्करी से देश में कईं खतरनाक प्रभाव पड़ते है जो निम्न प्रकार है:-

  • शोषण:- अंग तस्करी के लिए कईं बार गरीब लोगों का शोषण किया जाता है और उन्हें अपने अंग देने के लिए मजबूर किया जाता है। उनके साथ कईं प्रकार के अपराध किये जाते है, जिसके खिलाफ वें बोल नहीं पाते है और यदि बोलने की कोशिश करते है, तो उन्हें मार दिया जाता है।
  • मानव तस्करी:- अंग तस्करी करने के लिए आजकल लोगों की ही तस्करी शुरू कर दी गई है। इसमें वें लोगों की तस्करी करके दूसरे स्थान पर ले जाते है और उन्हें मारकर उनके अंग निकाल लेते है और उनके बचे हुए शरीर को नष्ट कर देते है। यह अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही चला जा रहा है।
  • बच्चों का अपहरण:- अंग तस्करी के बढ़ने से बच्चों का अपहरण भी बढ़ रहा है। कईं लोग बच्चों का अपहरण करके उन्हें बेच देते है। वें लोग उन बच्चों के शरीर के अंगों को निकालकर उन्हें बेच देते है। इन्हीं के कारण आज बच्चों के अपहरण के मामलें दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही चले जा रहे है।
  • हत्याएं:- कईं बार लोग धन के इतने अधिक लालची हो जाते है कि वें धन के लिए किसी की जान लेने के लिए भी तैयार हो जाते है। कईं अस्पतालों में भी अंगों के लिए लोगों की हत्याएं कर दी जाती है और उनकी मौत को प्राकृतिक मौत बता दिया जाता है। ऐसी घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

अंग तस्करी रोकने के उपाय:-

  • कानून में सख्ती:- कानून के सख्त न होने के कारण ही ऐसे अपराध बढ़ते है। यदि देश में कानून सख्त होता है, तो कोई भी व्यक्ति अपराध करने से पहले हजार बार अवश्य सोचता है और उसे इसके परिणाम से डर लगता है। लेकिन, यदि कानून सख्त नही होता है, तो कोई भी व्यक्ति अपराध करने के लिए तैयार हो जाता है। उनके मन में कानून के प्रति कोई भी भय नहीं होता है। इसलिए देश में इनके प्रति सख्त कानून होना चाहिए। सभी के मन में ऐसे अपराध करने का डर होना चाहिए, तभी जाकर ऐसे अपराध देश में रुकेंगे।
  • जागरूकता:- जब लोग जागरूक नहीं होते है, तो उनके साथ कईं प्रकार के अपराध हो जाते है। जिनका परिणाम काफ़ी घातक होता है। कईं बार उन्हें इसकी कीमत अपनी जान देकर भी चुकानी पड़ती है।
  • समय-समय पर अस्पतालों की जांच करना:- ज्यादातर ऐसे कार्य अस्पतालों के द्वारा ही होते है। इसलिए, सरकार का यह दायित्व है कि वह समय-समय पर अस्पतालों में जांच करवाएं कि वहाँ के सभी कार्य पूर्ण रूप से सही चल रहे है अथवा नहीं। कोई गड़बड़ होने पर उसके प्रति तुरंत जांच करनी चाहिए।

उपसंहार:-

अंग तस्करी सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ रही है। यह एक बढ़ता हुआ व्यापार बन रहा है। इसके गैर-कानूनी होने के बावजूद भी यह तेजी से समाज में फैल रहा है।

इसे रोक पाना काफी मुश्किल हो गया है। लेकिन, इसे रोकना आज भी असम्भव नहीं है। यदि कानून इसके प्रति जागरूकता से कार्यवाही करता है, तो यह काफी हद तक कम हो सकता है।

इसके लिए हम सभी को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। क्योंकि, ऐसी घटनाएं हमारे आसपास ही होती है, हमें इसके प्रति सजग रहना होगा।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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