गणतंत्र दिवस पर निबंध

Essay on Republic Day in Hindi

गणतंत्र दिवस पर निबंध : Essay on Republic Day in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘गणतंत्र दिवस पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप गणतंत्र दिवस पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

गणतंत्र दिवस पर निबंध : Essay on Republic Day in Hindi

प्रस्तावना:-

26 जनवरी भारत के इतिहास में वह दिन है, जब भारत में संविधान को लागू किया गया था। इस दिन से इसे एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है।

इस दिन भारत में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन भारत में विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में क्रायक्रम आयोजित किये जाते है।

इस दिन सरकारी संस्थाओं व सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है और साथ-साथ राष्ट्रगान भी गाया जाता है।

यह दिन प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का दिन है क्योंकि, इस दिन हमारे देश में संविधान को लागू किया गया था, जिसके अनुसार ही हमारे देश को चलाया जाता है।

गणतंत्र दिवस का इतिहास:-

200 वर्षों तक गुलाम रहने के बाद 15 अगस्त के दिन भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्र होने के बाद भारत ऐसे नियमों एवं अधिकारों की आवश्यकता थी, जिससे देश को चलाया जा सके।

तब जाकर 9 दिसम्बर 1947 को संविधान सभा का गठन किया गया था, जिन्हें संविधान बनाने की जिम्मेदारी दी गई। इसे बनने में 2 वर्ष 11 माह व 18 दिन का समय लगा।

जिससे यह 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ और इसके ठीक दो माह बाद 26 जनवरी 1950 को यह संविधान पूरे भारत में लागू कर दिया गया।

भारतीय संविधान के निर्माण के लिए 22 समितियों का निर्माण किया गया, जिनका कार्य सिर्फ संविधान को बनाना था।

संविधान निर्माण के लिए 114 दिन की बैठक की गई। संविधान निर्माण का सबसे अधिक श्रेय डॉ भीमराव अंबेडकर को दिया जाता है।

गणतंत्र दिवस का महत्व:-

हर भारतवासियों के लिए गणतंत्र दिवस का काफी अधिक महत्व है। इसे लोग बड़े ही हर्ष व उल्लास के साथ मनाते है। इस दिन के बाद ही भारत को अपना एक संविधान प्राप्त हुआ था।

संविधान बनने की ख़ुशी में इस दिन को एक त्यौहार की तरह मनाया गया और तभी से ही यह प्रक्रिया लगातार चली आ रही है।

संविधान प्रत्येक देश के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं आवश्यक होता है। इसके बिना किसी भी देश को चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसलिए, प्रत्येक देश का अपना एक संविधान होता है, जिसके अनुसार ही उस देश के सभी कार्य होते है। आज यह संविधान ही हमें स्वतंत्रतापूर्वक जीवनयापन करने व अपने कार्य करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

इसी वजह से हम आज बिना डरे अपनी आवाज उठा सकते है। संविधान ही हमें हमारे सभी अधिकार व कर्तव्य प्रदान करता है।

गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम:-

गणतंत्र दिवस को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में इस दिन ध्वजारोहण किया जाता है और उसके बाद विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है।

बच्चों को मिठाइयाँ भी खिलाई जाती है। सरकारी कार्यालयों में भी ध्वजारोहण किया जाता है।

इस दिन दिल्ली के इण्डिया गेट पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है, जिसमे सभी राज्यों की झांकियां दिखाई जाती है और सेना राष्ट्रपति को सलामी देती है।

उसके बाद तीनों सेनाएं अपने हथियारों की प्रदर्शनी करती है और इसके साथ परेड भी करती है। इसमें सेना विभिन्न प्रकार के करतब भी दिखाती है। इसमें अलग अलग राज्यों के लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करते है।

उपसंहार:-

जब पहली बार देश में गणतंत्र दिवस मनाया गया था, तो भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुराने लाल किले से झंडा फहराया था और उन्हें तोपों की सलामी भी दी गई थी। इसके बाद परेड की गई।

तभी ही देश में गणतंत्र दिवस को मनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रत्येक देश में एकता बनाने व उसके विकास के लिए संविधान का होना अत्यंत आवश्यक है। तभी वह देश तरक्की कर सकता है और अपने आप को सुरक्षित भी रख सकता है।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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