बेटी बचाओ पर निबंध

Essay on Save Girl Child in Hindi

बेटी बचाओ पर निबंध : Essay on Save Girl Child in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘बेटी बचाओ पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप बेटी बचाओ पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:- 

बेटी बचाओ पर निबंध : Essay on Save Girl Child in Hindi

प्रस्तावना:-

जैसा आप सभी जानते है कि भारत हमेशा से ही एक पुरुष प्रधान समाज रहा है। यहाँ हमेशा से ही पुरुषों को महिलाओं की तुलना में अधिक महत्व दिया जाता है।

पुरुष ही समाज व परिवार में फैसले लेने का अधिकार रखते है। महिलाओं को तो इस समाज में निम्नस्तर पर रखा जाता था। उनकी इच्छाओं को महत्व नहीं दिया जाता था। उनके जीवन का फैसला पुरुषों द्वारा ही लिया जाता था।

लेकिन वर्तमान समय में काफी कुछ बदल गया है। आज महिलाओं को इस समाज में समानता दी गई है लेकिन, आज भी कईं जगहों पर लड़की को पैदा होने से पहले ही मार दिया जाता है या छोटी उम्र में ही उनका विवाह कर दिया जाता है।

उनके साथ कईं प्रकार के अत्याचार किए जाते है। आज भी इस समाज में महिलाओं को वह स्थान नहीं मिल पाया है, जिसकी वें हक़दार रही है।

बेटी बचाओ की आवश्यकता:-

आज भी कई ऐसे लोग है जो लड़की को पैदा होने पर या पैदा होने से पहले ही गर्भ में मार देते है। जिससे उनकी जनसंख्या लड़कों के मुकाबले काफी कम हो गई है।

लड़कियों की भ्रूण हत्या या पैदा होने के बाद हत्या को रोकना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उनके साथ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए इसकी आवश्यकता है।

लड़कियों के साथ कईं प्रकार के अत्याचार किये जाते है। कईं बार तो महिलाओं को जबरदस्ती गर्भ गिराने पर मजबूर किया जाता है।

इन सभी अपराधों को रोकने के लिए ही देश में कईं कानून बनाए गए है, जिनका मुख्य उद्देश्य लड़कियों को बचाना है।

बेटियों को गर्भ में मारने से उनकी जनसंख्या लड़कों के मुकाबले काफी कम हो गई है। जिससे लड़कों व लड़कियों की जनसंख्या का संतुलन बिगड़ गया है।

बेटी बचाओ के उद्देश्य:-

बेटियों के साथ हो रहे अत्याचारों को रोकना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। बेटियों को जन्म से पहले ही मार दिया जाता है। इसको रोककर बेटियों को जीवन प्रदान करना ही इसका उद्देश्य है।

बेटियों को भी इस संसार में स्वतंत्रता से अपना जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है लेकिन, कुछ लोग अपनी रूढ़िवादी सोच को छोड़ नहीं पाते है।

वें अपने वंश को बढ़ाने के लिए पुत्र की ही मांग करते है और यदि उसकी जगह एक लड़की पैदा हो जाए तो उसे अभिशाप समझा जाता है और उसे मार दिया जाता है या फिर उसके साथ गलत व्यवहार किया जाता है।

लड़कियों छोटी उम्र में ही शादी कर दी जाती है। इन्हीं सभी अत्याचारों को रोकना अत्यंत आवश्यक है।

बेटी बचाओ के लिए योजनाएं:-

आज सरकार भी बेटियों की स्थिति के प्रति जागरूक हो गई है और उनकी सुरक्षा के लिए कईं कानून बना रही है।

साथ ही बेटियों के लिए कईं योजनाएं भी बनाई गई है, जिनके अंतर्गत उनको बचाना ही नहीं बल्कि उनकी शिक्षा पर भी जोर दिया गया है।

बेटी बचाओ की कुछ मुख्य योजनाएं है:- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना, आदि। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य बेटियों को शिक्षित करना व उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

उपसंहार:-

आज समय बदलने के साथ बेटियों की स्थिति में भी काफी परिवर्तन आया है। सरकार भी इसके प्रति जागरूक हो रही है।

बेटियों के बचाव के लिए देश में कईं कानून बनाए गए है। जिससे उनके साथ हो रहे किसी भी प्रकार के अत्याचार को रोका जा सके और उन्हें न्याय मिल सके।

इस संसार में बेटियां, बेटों के बराबर ही होती है। जितना हक़ बेटों को जीने का है उतना ही हक़ बेटियों को भी जीने का है।

वें भी अपना जीवन स्वतंत्रतापूर्वक जीने का अधिकार रखती है। आज बेटियां इस समाज व देश को आगे बढ़ाने में कदम से कदम मिला रही है।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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