ग्रीष्म ऋतु पर निबंध

Essay on Summer Season in Hindi

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध : Essay on Summer Season in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘ग्रीष्म ऋतु पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप ग्रीष्म ऋतु पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध : Essay on Summer Season in Hindi

प्रस्तावना:-

ऋतु एक वर्ष में निश्चित समय का एक कालखंड है, जो एक निश्चित समय के बाद बदल जाती है। ऋतुओं में बदलाव का कारण पृथ्वी की स्थिति परिवर्तन है।

पृथ्वी लगातार सूर्य की परिक्रमा करती रहती है। जिस कारण उसकी स्थिति भी बदलती रहती है। इस बदलती स्थिति के कारण ही दिन-रात और ऋतुओं का परिवर्तन होता है।

भारत में एक वर्ष में कुल 6 ऋतुएँ आती है, जो कि वसंत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, शरद ऋतु, हेमंत ऋतु और शीत ऋतु है। इनमें से ही एक ग्रीष्म ऋतु है।

ग्रीष्म ऋतु, सभी ऋतुओं में से सबसे ज्यादा गर्म ऋतु है। यह ऋतु अप्रैल माह से जुलाई माह के बीच आती है। इस ऋतु में दिन बड़े होते है और रातें छोटी होती है।

ग्रीष्म ऋतु के आने व जाने का समय:-

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार ग्रीष्म ऋतु अप्रैल माह के मध्य से शुरू होकर जुलाई माह के मध्य तक चलती है। जबकि, हिन्दू पंचांग के अनुसार ग्रीष्म ऋतु वैसाख के शुक्ल पक्ष के मध्य से शुरू होकर ज्येष्ठ आषाढ़ तक चलती है।

ग्रीष्म ऋतु में आने वाली फ़सलें:-

ग्रीष्म ऋतु में ज़ायद की फसल उगाई जाती है। ज़ायद की फसल तेज गर्मी में ही उगती है। इसमें तेज गर्मी और शुष्क वातावरण सहन करने की क्षमता होती है।

ज़ायद की फसल में कईं सब्जियां, तरबूज, खरबूज, खीर, आम और चारे की फसल भी उगती है। ज़ायद की फसल में और भी अन्य फ़सलें भी बोई जाती है, जैसे:- सूरजमुखी, हरा चारा, मूंग, जूट, चना, मक्का, उड़द, कपास, मूंगफली, आदि।

ग्रीष्म ऋतु के फायदें:-

  • ग्रीष्म ऋतु में कईं महत्वपूर्ण फसलें उगाई जाती है।
  • ग्रीष्म ऋतु में अधिक गर्मी होने के कारण कईं खतरनाक कीटाणु ख़त्म हो जाते है।
  • यह मौसम बच्चों का पसंदीदा मौसम होता है क्योंकि, इस समय विद्यालयों की छुट्टियाँ होती है और वें पूरे दिन सिर्फ खेल ही खेलते है और अलग-अलग जगहों में घूमने जाते है। ग्रीष्म ऋतु की छुट्टियाँ काफ़ी लम्बी होती है।

ग्रीष्म ऋतु के नुकसान:-

  • ग्रीष्म ऋतु के काफ़ी गर्म होने के कारण इस समय पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है।
  • ग्रीष्म ऋतु में कईं तालाब सुख जाते है और नदियों का पानी भी कम हो जाता है।
  • ग्रीष्म ऋतु में सूखा पड़ने की संभावना अधिक होती है।
  • इस मौसम में बहुत तेज लू और गर्म हवा चलती है, जिससे लोग बीमार हो जाते है।
  • इस मौसम में घरों में AC चलते है, जो हमारे पर्यावरण के लिए हानिकारक होते है।
  • इस मौसम में बहुत तेज गर्मी पड़ती है।
  • इस समय ज्यादा गर्मी के कारण पेड़-पौधे भी सुख जाते है।
  • प्रत्येक वर्ष गर्मी के कारण या पानी की कमी के कारण कईं लोग अपनी जान खो देते है।

उपसंहार:-

प्रत्येक ऋतु अपना अलग महत्व रखती है। ऋतुओं के कारण ही हमें अलग-अलग वातावरण देखने को मिलता है क्योंकि, फ़सलें मौसम के अनुसार ही उगती है।

ग्रीष्म ऋतु भी इस प्रकति के लिए अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह प्रकृति में संतुलन बनाने के लिए आवश्यक होता है।

इस मौसम में हमें स्वयं का काफ़ी अधिक ध्यान रखना होता है और साथ ही जितना हो सके, उतना अधिक पानी पीना चाहिए।

इस मौसम में हमें आरामदायक कपडे पहनने चाहिए। हमें तरबूज और खरबूज जैसे फ़लों का सेवन करना चाहिए, जो हमारे शरीर में पानी की कमी को पूरा कर सके। हमे जितना हो सके उतना अधिक लू और गर्म हवा से बचना चाहिए।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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