गणतंत्र दिवस पर भाषण

Republic Day Speech in Hindi

गणतंत्र दिवस पर भाषण : Republic Day Speech in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘गणतंत्र दिवस पर भाषण’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप गणतंत्र दिवस पर भाषण से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

गणतंत्र दिवस पर भाषण : Republic Day Speech in Hindi

नमस्कार, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्माननीय अतिथिगण, अध्यापक, व मेरे सभी साथियों। मेरा नाम —– है। मैं इस विद्यालय की 10वीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ।

आज हम अपने देश के 76वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए है। आज मुझे आप सभी के सामने कुछ शब्द कहने का मौका मिला है।

जिसके लिए मैं आप सभी का तहे दिल से स्वागत करता हूँ। यदि मुझसे किसी भी प्रकार की कोई भूल हो जाए तो मुझे इसके लिए क्षमा कीजिए।

किसी भी देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए व सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए कुछ नियमों की आवश्यकता होती है।

इसलिए संविधान का निर्माण किया जाता है। संविधान एक देश की राजनीतिक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था व नागरिकों की रक्षा करने का एक मूल माध्यम होता है।

भारत देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है। क्योंकि 26 जनवरी 1950 के ही दिन भारत का संविधान लागू हुआ था।

भारत एक लोकतान्त्रिक और न्यायपूर्ण राष्ट्र है। भारतीय संविधान को हमारी संसद ने लगभग 2 वर्ष बाद 26 जनवरी 1950 को पारित किया और गणराज्य घोषित कर दिया गया।

जिसके बाद से 26 जनवरी के दिन को भारत के लोगों द्वारा गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत के संविधान को बनाने में कुल 2 वर्ष, 11 माह व 18 दिन का समय लगा।

इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग व 12 अनुसूचियों को शामिल गया था। संविधान के मसौदे को डॉ. भीमराव आंबेडकर के द्वारा लिखा गया है।

सर्वप्रथम गणतंत्र दिवस के उत्सव की शुरुआत राजपथ से हुई थी। लेकिन, पहला आयोजन राजपथ पर नहीं बल्कि इर्विन स्टेडियम (मेजर ध्यानचंद्र स्टेडियम) में हुआ था।

स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने इर्विन स्टेडियम में तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली। परेड में सशस्त्र सेना के तीनों बलों ने भाग लिया।

इस परेड में नौसेना इन्फेंट्री, फेवेलेरी रेजीमेन्ट, सर्विसेज रेजीमेंट के आलावा सेना के सात बैंड भी शामिल हुए। आज भी यह ऐतिहासिक परम्परा यूं ही बनी हुई है।

गणतंत्र दिवस का प्रमुख आकर्षण परेड है। इस दिन 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इसके साथ ही परेड भी की जाती है। जिसमे सभी राज्यों की तरफ से झांकियां प्रस्तुत की जाती है।

इसके अलावा तीनों सेना की तरफ से कलाबाजी और शक्ति प्रदर्शन किया जाता है। पिछले वर्ष सितंबर में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए राफेल लड़ाकू जहाज भी पहली बार परेड में हिस्सा लेंगे।

पहली बार बांग्लादेश की सेना का एक दस्ता भारत के गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुआ। अंत में मैं अपने भाषण को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रसिद्ध कथन के साथ समाप्त कर रहा हूँ।

डॉ. अब्दुल कलाम ने कहा है कि यदि एक देश भ्रष्टाचार मुक्त है तो सुंदर मस्तिष्क का एक राष्ट्र बनता है।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान कि गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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