अंग तस्करी पर भाषण

Speech on Organ Trafficking in Hindi

अंग तस्करी पर भाषण : Speech on Organ Trafficking in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘अंग तस्करी पर भाषण’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप अंग तस्करी पर भाषण से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

अंग तस्करी पर भाषण : Speech on Organ Trafficking in Hindi

नमस्कार, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण, व मेरे सभी साथियों को मेरा प्यारभरा नमस्कार। मेरा नाम — है और मैं इस विद्यालय में 10वीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ।

मैं आप सभी का तह-दिल से धन्यवाद देना चाहता हूँ कि आप सभी ने मुझे इस अवसर पर दो शब्द कहने का अवसर प्रदान किया।

आज मैं आप सभी के सामने अंगों की तस्करी पर भाषण देने जा रहा हूँ। अंगों की तस्करी एक बहुत ही गंभीर विषय है।

आज यह समस्या भारत में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में बनी हुई है। विश्व के सभी देश इस समस्या से जूझ रहे है। आज मैं आप सभी का ध्यान इस समस्या पर खींचने का प्रयास कर रहा हूँ।

अंग तस्करी का अर्थ होता है:- अंगो को बेचना, इसमें चाहे इंसान की मर्जी हो या नहीं। आज हम सभी जानते है कि तकनीक कितनी अधिक तरक्की कर चुका है।

आज हम किसी भी इंसान के ख़राब अंग को बदलकर उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति का अंग लगाकर उसे एक नया जीवन प्रदान कर सकते है।

वर्तमान समय में कईं लोग हादसों, बिमारियों या किसी और तरीके से अपने महत्वपूर्ण अंग खो देते है। आज तकनीक ने इसका उपाय निकाल लिया है।

अब एक इंसान के अंगों को दूसरे इंसान के शरीर में लगा सकते है। जिससे कईं लोगों का जीवन बच सकता है। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसमें भी व्यापार करने का रास्ता ढूंढ लिया।

ये लोग किसी भी मृत या जीवित व्यक्ति के अंगों की चोरी करके उसे किसी जरुरतमंद इंसान को बड़े ही ऊँचे दामों में बेचकर काफी मुनाफा कमाते है।

क्योंकि, जरुरतमंद इंसान को इसकी बहुत जरुरत होती है। इसलिए, उसे यह मुँह मांगी कीमतों पर लेना पड़ता है। चूँकि, यह गैर क़ानूनी है, इसलिए वह किसी से इसकी शिकायत भी नहीं कर सकता है।

कईं बार तो ऐसे केस सामने आए है, जिसमे कईं मरीज अस्पताल में अपना इलाज करवाने गए और वहाँ उनके इलाज करने के नाम पर उनके अंगों को बिना बताए निकाल लिए जाता है और उन्हें पता भी नहीं चलता है।

उदहारण के तौर पर किडनी एक ऐसा अंग है, जो कि एक मानव शरीर में 2 की संख्या में होता है। जैसा कि आप जानते है कि एक इंसान एक किडनी के सहारे भी जीवित रह सकता है।

कईं बार तो उन्हें मार दिया जाता है, ताकि उनके अंगों को बेचा जा सके। इसके लिए लोगों को मारना, अपहरण करना, बच्चों का अपहरण करना, ऐसे कईं काम किये जाते है।

ताकि, उनके अंगों को निकालकर बेच दिया जाए। इसे भारत में ही नहीं विदेशों में भी सप्लाई किया जाता है। कईं बार गरीब लोगों को डराकर व कईं बार पैसों का लालच देकर उनके अंगों को खरीद लिया जाता है।

कईं लोग अपनी स्वेच्छा से अपने अंगों को दान कर देते है। उसके बावजूद भी उन्हें भी चुरा लिया जाता है। यह समस्या लगातार बढ़ रही है।

क्योंकि, यह एक बहुत बड़ा व्यापार बन चुका है, तो इसमें चिकित्सक व अस्पताल भी अधिक धन की लालसा में यह गलत काम करते है।

यह बहुत अधिक चिंता का विषय है। क्योंकि, यदि समाज का एक इतना अधिक सभ्य पेशा, जिसे लोग भगवान के समान मानते है।

वे लोग भी इस तरह का काम करेंगे, तो यह काफी दुःखद है। तकनीक ने इसे लोगों की भलाई के लिए विकसित किया था, जिससे लोगों को नया जीवन प्रदान किया जा सके।

लेकिन कुछ लोगों के स्वार्थ की बदौलत यह खोज अब काफी खतरनाक साबित हो रही है। वर्तमान में सरकार इसके लिए कईं कड़े कदम उठा रही है।

आज अंगों की तस्करी को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। अस्पतालों को भी यह हिदायत दी गई है कि बिना किसी मरीज के इच्छा के उसके अंगों को न निकाला जाए।

पुलिस प्रशासन भी इसके लिए काफी जागरूक है। उन्होंने भी ऐसे काफी गिरोह को पकड़ा है और इसे काफी हद तक रोक दिया है। उनके द्वारा लोगों को इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है।

अंत मे मैं अपने भाषण को समाप्त करने जा रहा हूँ। मेरा पूरा भाषण सुनने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मुझे आशा है कि आप सभी को मेरा यह भाषण पसंद आया होगा।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

अगर इस लेख के द्वारा आपको किसी भी प्रकार की जानकारी पसंद आई हो तो, इस लेख को अपने मित्रों व परिजनों के साथ फेसबुक पर साझा अवश्य करें और हमारे वेबसाइट को सबस्क्राइब कर ले।

5/5 - (1 vote)

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.