समाचार पत्र पर भाषण

Speech on Newspaper in Hindi

अख़बार/समाचार पत्र पर भाषण : Speech on Newspaper in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘समाचार पत्र पर भाषण’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप समाचार पत्र पर भाषण से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

अख़बार/समाचार पत्र पर भाषण : Speech on Newspaper in Hindi

सुप्रभात, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, माननीय शिक्षकगण एवं मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा प्यारभरा नमस्कार।

मेरा नाम —— है और मैं इस विद्यालय में 11वीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। आज मैं इस शुभ अवसर पर आप सभी के सामने एक छोटा सा भाषण प्रस्तुत करने जा रहा हूँ, जिसका विषय है:- अख़बार।

यह एक काफी महत्वपूर्ण विषय है। सर्वप्रथम मैं आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि आप सभी ने मुझे इस मंच पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।

आज मैं समाचार पत्र जैसे महत्वपूर्ण पर दो शब्द कहना चाहता हूँ। आशा करता हूँ कि आपको यह पसंद आएगा।

मनुष्य को हमेशा से ही अपने आसपास की जानकारी रखने का बहुत शौक रहा है। इसके लिए वह प्राचीन काल से ही अलग-अगल तरीके अपनाते आया है।

जैसे कि प्राचीन काल में राजा तथा महराजा अपने गुप्तचर रखा करते थे, जो उन्हें उनके राज्य की खबर दिया करते थे।

धीरे-धीरे समय बदलता रहा और ख़बर जानने के तरीके बदलते गए। इसके बाद दुनिया में एक बहुत बड़ा अविष्कार हुआ, जिसे हम कागज़ के नाम से जानते है।

कागज़ ने इस क्षेत्र में एक क्रांति लाई। जिसके पश्चात अख़बार का उदय हुआ। सबसे पहला अख़बार सन 1609 में छपा था और यह अंग्रेज़ी भाषा में छपा था।

सबसे पहला हिंदी अख़बार 29 जनवरी 1780 में छपा था, जिसका नाम ‘द बंगाल गैजेट’ था। अख़बार हमारी जिंदगी का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

अख़बार हमारी सुबह की शुरुआत का एक हिस्सा है। अख़बार हमें देश-विदेश की सभी जानकारी देता है। अख़बार के माध्यम से हम आज पूरी दुनिया के बारे में बहुत अच्छे से जान सकते है।

वर्तमान समय में आपको अख़बार में सभी प्रकार की ख़बरें देखने को मिलती है। हर पृष्ठ पर आपको एक मुख्य प्रकार की ख़बरें देखने को मिलती है।

वर्तमान समय में हमें अखबारों में विज्ञापन भी देखने को मिलते है। जिससे व्यापारी अपने व्यापर को पूरी दुनिया तक पहुँचा सकते है। जिससे व्यापर बढ़ेगा और देश में रोजगार भी बढ़ेगा।

आज अख़बार पढ़ने से लोगों में किताबें पढ़ने की रूचि बढ़ रही है। जिससे उन्हें बहुत कुछ सिखने को मिलता है।

आज सभी तरह के लोग अख़बार पढ़ते है चाहे वें किसी भी पेशे से तालुक रखते हो। अख़बार में सभी के लिए कुछ न कुछ जानकारी उपलब्ध होती है।

अख़बार मात्र कागज़ का एक टुकड़ा होता है, जिसकी शुरुआत सुबह से होती है। दिन में सभी लोग उसे पढ़ते है और शाम होते-होते लोग उसे कबाड़ में डाल देते है।

लेकिन एक अख़बार में इतनी ताकत होती है, जिससे वह सम्पूर्ण देश को हिला सकता है। भारत को आजादी दिलवाने में अख़बार ने एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी।

इससे क्रांति को तेज़ी मिली और भारत को बहुत जल्द आजाद करवा लिया गया। अख़बार से एक पूरे देश में कोई भी बात को आसानी से पहुँचाया जा सकता है।

देश में चाहे कोई अच्छी ख़बर फैलानी हो या देश में अन्याय के खिलाफ आंदोलन करना हो या लोगों को जागरूक करना हो, सभी कार्यों में अख़बार एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।

वर्तमान समय में सरकारी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अख़बार किसी जरुरी किताब से कम नहीं है। अख़बार में आपको सभी ताज़ा जानकारी बहुत जल्दी और आसानी से मिल जाती है।

अख़बार कागज़ से बनता है, जिसे आसानी से दुबारा उपयोग में लाया जा सकता है। इससे पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होता है। इसके साथ-साथ इसे बहुत से अन्य उपयोगों में भी लिया जा सकता है।

इतनी सभी अच्छी चीज़ों के बाद भी यदि इसके मूल्य की बात की जाए तो वह मात्र एक से दो रूपये होती है। इतने मूल्य में पूरी दुनिया की जानकरी आपके पास होती है।

आज इंटरनेट के युग में अखबार आसानी से आपके मोबाइल में उपलब्ध हो जाता है। इतना कहकर मैं अपने भाषण को समाप्त करता हूँ। आशा करता हूँ कि आपको मेरा यह भाषण पसंद आया होगा।

धन्यवाद!

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

अगर इस लेख के द्वारा आपको किसी भी प्रकार की जानकारी पसंद आई हो तो, इस लेख को अपने मित्रों व परिजनों के साथ फेसबुक पर साझा अवश्य करें और हमारे वेबसाइट को सबस्क्राइब कर ले।

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