शिक्षक दिवस पर निबंध

Essay on Teacher's Day in Hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध : Essay on Teacher’s Day in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘शिक्षक दिवस पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप शिक्षक दिवस पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

शिक्षक दिवस पर निबंध : Essay on Teacher’s Day in Hindi

निबंध 1 (500 शब्द)

प्रस्तावना:-

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में शिक्षक एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। माता-पिता के बाद एक शिक्षक ही विद्यार्थी की सफलता के लिए प्रयास करता है।

शिक्षक व विद्यार्थी की परम्परा कोई आज की बात नहीं है बल्कि, यह कईं सदियों से चली आ रही है।

एक विद्यार्थी को अपने जीवन में सही राह का चुनाव करने के लिए हमेशा ही एक शिक्षक की आवश्यकता होती है। हम अपने बचपन का ज्यादातर समय विद्यालयों में ही बिताते है, जहाँ शिक्षक ही हमें शिक्षा प्रदान करते है।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष में ही शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वह एक महान शिक्षक थे, जिन्हें सम्मान देने के लिए ही शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

वह भारत के पूर्व राष्ट्रपति थे। जिन्होंने हमेशा शिक्षा को काफी महत्व दिया और वह स्वयं भी एक शिक्षक ही थे।

शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस दिन विद्यालयों में विद्यार्थियों के द्वारा शिक्षकों का सम्मान कर उनका धन्यवाद अदा किया जाता है। इस दिन विद्यालयों में शिक्षक बच्चों को नहीं पढ़ाते है बल्कि, विद्यार्थी शिक्षक बनकर अपने से छोटी कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाते है।

इस दिन विद्यालय में बच्चों द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है, जिनमें भाषण, नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत करते है।

बच्चे अपने प्रिय अध्यापक को कईं उपहार भी देते है। विद्यार्थी अध्यापकों का सम्मान समारोह भी करते है। इसी प्रकार शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षक का महत्व:-

जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षक काफी महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक ही वह व्यक्ति होता है, जो एक व्यक्ति को सफलता की तरफ ले जाता है।

बिना गुरु के कोई भी व्यक्ति सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है। एक शिक्षक विद्यार्थी के जीवन की नींव रखता है और वह विद्यार्थी ही इस देश का भविष्य है।

शिक्षक अपने विद्यार्थियों को जीवन का महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान करता है, जिसे प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी कठिन समय में भी खड़ा रहता है।

प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा प्राप्त करने के लिए शिक्षक पर ही निर्भर रहना पड़ता है। एक शिक्षक ही विद्यार्थी को अपना सम्पूर्ण ज्ञान प्रदान करता है, जिसकी उसे आवश्यकता होती है।

आज शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता बनती चली जा रही है। इसके बिना आज मनुष्य का कोई महत्व ही नहीं रह गया है। जिस कारण शिक्षकों का योगदान भी बढ़ गया है।

इसलिए कहा जाता है कि यदि आपके सामने भगवान और शिक्षक खड़े है, तो आपको सबसे पहले शिक्षक के चरण ही छूने चाहिए क्योंकि, एक शिक्षक ही आपको ईश्वर तक पहुँचाता है।

उपसंहार:-

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 को हुआ था। जिस कारण उन्हें सम्मान देने के लिए ही उनके जन्मदिन को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

हमें अपने शिक्षकों का सदैव ही सम्मान करना चाहिए। भारतीय संस्कृति में हमेशा से गुरुओं को सम्मानीय स्थान दिया गया है। वह हमेशा से ही पूजनीय रहे है। उन्हें भगवान से भी उच्च स्थान दिया गया है।

एक शिक्षक बिना स्वार्थ के विद्यार्थी को हमेशा सफल बनाने का प्रयास करता है। वह विद्यार्थी को अँधेरे से प्रकाश की तरफ ले जाता है, जिससे विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर पाता है।

धन्यवाद!

निबंध 2 (600 शब्द)

प्रस्तावना:-

एक मनुष्य का जीवन कईं भागों में बँटा होता है, लेकिन उसके जीवन का सबसे प्रमुख भाग उसका विद्यालयी जीवन होता है। क्योंकि एक व्यक्ति को पूरे जीवन के लिए ज्ञान इसी दौरान मिलता है।

यह ज्ञान ही मनुष्य को उसके जीवन मे सही व गलत की पहचान करवाता है। इस समय व्यक्ति को जो मूल्य प्राप्त होते है, उन मूल्यों के आधार पर ही मनुष्य अपने रास्तों का चुनाव करता है।

इन्हीं रास्तों के आधार पर व्यक्ति का भविष्य तय होता है। इस उम्र में किसी भी व्यक्ति को जो भी सिखाया जाएगा, उसी आधार पर उसका भविष्य तय होगा।

समय के कालखंड में एक बच्चे को सही मार्गदर्शन की बहुत आवश्यकता होती है, इसलिए एक बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए एक अच्छे अध्यापक की आवश्यक होती है।

अध्यापक की आवश्यकता:-

एक व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त करने के लिए हमेशा एक शिक्षक की जरूरत होती है, ताकि उसे सही मार्गदर्शन मिल सके। वर्तमान समय में बहुत सी तकनीकें आ गई है, लेकिन इसके बावजूद भी शिक्षक का स्थान कोई भी नही ले सकता है।

महाभारत के युद्ध मे अर्जुन जैसे योद्धा को भी श्रीकृष्ण जैसे मार्गदर्शक की जरूरत पड़ी थी। गुरु बिना व्यक्ति को सही शिक्षा व मार्गदर्शन नही मिल सकता है।

एक शिक्षक ही एक बच्चे के गुणों को देखकर उसे उसके गुणों के अनुसार शिक्षा प्रदान करता है, इसलिए शिक्षकों को सम्मान प्रदान करने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

शिक्षकों को सम्मान प्रदान करने के लिए ही शिक्षक दिवस को मनाया जाता है। इस दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म हुआ था। उनका जन्म 5 सितम्बर 1888 को मद्रास प्रेसीडेन्सी के चित्तूर जिले के तिरूत्तनी ग्राम में हुआ था।

उनका जन्म एक तमिल परिवार में हुआ था। उनका पूरा जीवन लोगों को शिक्षा प्रदान करने में ही व्यतीत कर दिया।

इसलिए, उनके सम्मान में ही प्रतिवर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति भी थे।

शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

यह दिन मुख्य रूप से शिक्षकों को सम्मान प्रदान करने का दिन है। इस दिन सभी सरकारी संस्थानों में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया जाता है।

विद्यालयों व विश्वविद्यालयों में इसे बडे ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थी शिक्षकों की वेशभूषा पहनकर छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करता है।

इसके बाद सभी शिक्षकों के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसमें नृत्य, भाषण व गीतों से उनका सम्मान किया जाता है। उसके पश्चात सभी शिक्षकों के चरण स्पर्श कर उन्हें सम्मान स्वरूप उपहार दिए जाते है।

उपसंहार:-

एक देश के भविष्य में एक शिक्षक का बहुत बड़ा योगदान होता है। यदि एक देश का भविष्य देखना है, तो उस देश के युवा व बच्चों को देखकर उसका अंदाज लगाया जा सकता है।

इसलिए, एक देश के विकास में एक शिक्षक के योगदान को कभी भी कम नही आंका जा सकता है। एक देश का विकास तभी संभव हो सकता है, जब उस देश के युवा सही रास्ते पर अग्रसर हो।

जब तक उस देश के युवा गलत राह पर अग्रसर रहेंगे, तब तक वह देश कभी भी तरक्की नही कर सकेगा। युवा को सही राह पर लाने के लिए सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

यह मार्गदर्शन एक शिक्षक के अलावा अन्य कोई भी व्यक्ति नही दे सकता है। जिसने भी अपने शिक्षक का कहना माना है और उनका सम्मान किया है, उन्हें तरक्की करने से कोई भी नही रोक सकता है।

धन्यवाद!

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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