भारत में आतंकवाद पर निबंध

Essay on Terrorism in India in Hindi

भारत में आतंकवाद पर निबंध : Essay on Terrorism in India in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘भारत में आतंकवाद पर निबंध’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप भारत में आतंकवाद पर निबंध से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

भारत में आतंकवाद पर निबंध : Essay on Terrorism in India in Hindi

प्रस्तावना:-

आज आतंकवाद भारत की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की एक बड़ी समस्या बन गई है। आतंकवाद एक ऐसी घटना है, जो सिर्फ लोगों में अपना डर फैलाने के लिए ही की जाती है।

यह एक पूरी तरह से गैर-क़ानूनी प्रक्रिया होती है। वर्तमान समय में भारत में आतंकवाद की कईं घटनाएं सामने आती रहती है।
आतंकवाद पूरी दुनिया में महामारी की तरह फैल रहा है और लोगों के प्राण ले रहा है।

इसकी जड़ें काफी मजबूत हो गई है, जिससे इससे लड़ पाना काफी मुश्किल हो गया है। यह हमारे देश और समाज के लिए एक बड़ा खतरा है, जिसे यदि जल्द से जल्द ख़त्म नहीं किया गया तो यह एक नासूर बनकर रह जाएगा।

आतंकवाद के कारण:-

आतंकवाद के लिए कोई एक कारण निश्चित नहीं है बल्कि इसके बढ़ने के कईं कारण है, जो कि निम्नलिखित है:-

  • आर्थिक कारण:- कईं लोग आर्थिक रूप से बहुत कमजोर होते है। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए व्यक्ति कोई भी कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है। वह आसानी से लोगों के बहकावे में आकर गलत रास्ते पर जाने लगता है।
  • शिक्षा का अभाव:- शिक्षा मनुष्य का मानसिक विकास करती है। जब कोई व्यक्ति शिक्षित नहीं होता है, तो वह अंधविश्वासी बातों में आसानी से आ जाता है। उन्हें आसानी से बहकाया जा सकता है। ज्यादातर आतंकवादी अशिक्षित ही होते है, उन्हें सिर्फ दूसरों की हत्या करने का कार्य ही सिखाया जाता है। शिक्षा के आभाव के कारण ही ज्यादातर लोग आतंकवाद से जुड़ जाते है।
  • गरीबी:- गरीबी एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को कोई भी कार्य करने के लिए मजबूर कर देती है। जब व्यक्ति के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं होता है, तो वह कोई भी कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है। वह यह नहीं देखता है कि वह कार्य सही है या नहीं। कुछ लोग उनकी गरीबी का फायदा उठाकर उन्हें आतंकवाद जैसी घटनाओं में जोड़ देते है। कहीं न कहीं गरीबी भी आतंकवाद का एक मुख्य कारण है।
  • राष्ट्रवाद की कमी:- जब व्यक्तियों में अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम-भाव नहीं होता है, तो वह आतंकवाद जैसी घटनाओं में जुड़ जाते है। ऐसे लोग अपने देश को धोखा देने के लिए भी तैयार हो जाते है। राष्ट्रवाद की कमी किसी भी देश को उसकी तबाही की तरफ ले जाती है।
  • राजनैतिक कारण:- कईं राजनेता अपने छोटे से फायदे या वोट प्राप्त करने के लिए कईं बार स्वयं ही आतंकी हमला करा देते है। यें राजनेता अपने स्वार्थ के आगे किसी को भी नहीं देखते है। यह छोटे से फायदे के लिए कईं मासूम लोगों का बलिदान दे देते है। ज्यादातर आतकंवादियों को सहायता राजनेता ही देते है।
  • बेरोजगारी:- आज भारत में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बन गई है। ज्यादातर युवा शिक्षित होने के बाद भी बेरोजगार होकर घूम रहे है। जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलता है, तो वह गलत रास्ते पर जाने लगते है। वें बुरी संगत में पड़ जाते है और आतंकवाद में शामिल हो जाते है।

आतंकवाद के दुष्परिणाम:-

आतंकवाद देश व उसके लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा करता है। इससे लोगों के दिल में अपने व अपने परिवार की सुरक्षा का भय पैदा होता है।

आतंकवाद के कारण आज देश में कईं हमले हुए है और कईं बेकसूर लोगो के प्राण गए है।

भारत के कईं बड़े-बड़े राज्यों में आतंकवादी हमले हुए है। जैसे:- मुंबई बम धमाका, जयपर बम धमाका, गुजरात में आतंकी हमला, कश्मीर में आतंकी हमला, आदि।

आतंकवाद से देश में आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक प्रभाव पड़ता है। जब कोई आतंकवादी हमला होता है, तो उस देश को जान व माल दोनों का नुकसान झेलना पड़ता है

आतंकवाद के उपाय:-

  • शिक्षा को बढ़ावा देना:- शिक्षा से कईं हद तक ऐसी समस्याएं कम हो सकती है। यदि लोग शिक्षित होंगे तो वें सही और गलत में आसानी से फर्क कर पाएंगे और वें आसानी से किसी अन्य के बहकावे में नहीं आयेंगे। वें कोई भी निर्णय सोच समझकर लेंगे। इससे न सिर्फ आतंकवाद कम होगा बल्कि, देश का विकास भी होगा।
  • लोगों में जागरूकता फैलाना:- आतंकवाद के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। यदि लोग जागरूक होंगे तो वें किसी भी गलत रास्ते पर नहीं जायेंगे और ऐसी चीजों से दूर रहेंगे। यदि आतंकवाद में लोगों का जुड़ना कम हो जाएगा तो आतंकवाद धीरे-धीरे समाप्त भी हो जाएगा।
  • लोगों में देशप्रेम की भावना बढ़ाना:- यदि लोगों में अपने देश के प्रति प्रेम-भावना होगी तो वें देश के खिलाफ किसी भी कार्य में आतंकवादियों का साथ नहीं देंगे। यदि आतंकवादियों को आंतरिक सहायता नहीं मिलेगी तो उनके लिए देश में अपनी गतिविधियाँ करना काफी मुश्किल हो जाएगा और ऐसी घटनाएं कम हो जाएगी क्योंकि, बिना आंतरिक सहायता के किसी भी देश में बड़े आतंकवादी हमले करना काफ़ी मुश्किल होता है।
  • देश को मजबूत करना:- हमें अपने देश को आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से मजबूत करना होगा। यदि एक देश इन सभी से मजबूत है, तो उस देश में आतंकी हमला करना काफी मुश्किल हो जाता है। आतंकवादी ऐसे देश में आसानी से अपना आतंक नहीं फैला पाते है।

उपसंहार:-

आतंकवाद का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन में अपने प्रति भय उत्पन्न करना है। इससे आतंकवादी पूरी दुनिया में अपना साम्राज्य फैलाना चाहते है। अपनी घटिया सोच से दुनिया को अपने अनुसार चलाना चाहते है।

इसलिए वें हर समय कहीं न कहीं आतंकवादी हमला करने के प्रयास करते रहते है। कईं बार हमारे देश की सेना उन्हें रोक देती है लेकिन, कईं बार वें ऐसा करने में सफल भी हो जाते है और मासूम लोग बिना कारण ही अपना जान खो देते है।

आतंकवाद आज पूरी दुनिया में अपनी जड़ें फेलायें हुए बैठा है। हर देश इससे परेशान है और इससे छुटकारा पाना चाहता है लेकिन यह तभी सम्भव है, जब प्रत्येक देश एक साथ मिलकर इस बीमारी से लड़ेगा।

तभी यह दुनिया आतंकवाद से मुक्त हो पाएगी और हर कोई बिना असुरक्षा के अपना जीवनयापन कर पाएगा।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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