वैश्विक आतंकवाद पर भाषण

Speech on Global Terrorism in Hindi

वैश्विक आतंकवाद पर भाषण : Speech on Global Terrorism in Hindi:- आज के इस लेख में हमनें ‘वैश्विक आतंकवाद पर भाषण’ से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है।

यदि आप वैश्विक आतंकवाद पर भाषण से सम्बंधित जानकारी खोज रहे है? तो इस लेख को शुरुआत से अंत तक अवश्य पढ़े। तो चलिए शुरू करते है:-

वैश्विक आतंकवाद पर भाषण : Speech on Global Terrorism in Hindi

नमस्कार, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, विशेष अतिथिगण, सभी शिक्षकगण और सभी साथियों को मेरा प्यारभरा नमस्कार।

मेरा नाम —- है और मैं इस विद्यालय में 11वीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मैं आप सभी का तहदिल से धन्यवाद करता हूँ कि आप सभी ने मुझे इस अवसर पर भाषण प्रस्तुत करने का मौका दिया।

आज मैं आप सभी के सामने वैश्विक आतंकवाद पर भाषण प्रस्तुत करने जा रहा हूँ। आतंकवाद लोगों के बीच डर फैलाने का एक तरीका है।

पहले आतंकवाद मात्र कुछ देशों तक ही सीमित था। लेकिन, समय के साथ-साथ आज यह पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है।

आपको अमेरिका में घटित 9/11 का हमला तो याद ही होगा। जिसमे एक विमान को अगवाह कर लिया गया था और उसे एक बहुत बड़ी ईमारत से टकरा दिया गया।

जिसमें न जाने कितने ही मासूम लोगों की जान चली गई। इसने विश्व के सबसे बड़े व ताकतवर देश की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया।

सन 2008 में भारत के मुंबई शहर में भी एक बहुत बड़ा हमला हुआ। जिसमें आतंकवादियों ने पूरे मुंबई को दहला दिया। ऐसे ही न जाने भारत देश कितने ही आतंकवादी हमलें झेल चुका है।

इजराइल भी लगातार आतंकवादी हमलें झेलता रहता है। ऐसे ही न जाने कितने ही देश रोज आतंकवादी हमलों का सामना करते रहते है और देश के मासूम लोगों की जान जाती रहती है।

इसके आलवा न जाने कितने ही हमलों को रोक लिया जाता है। इन सभी बातों से आप समझ गए होंगे कि आज आतंकवाद किसी एक देश तक सीमित नहीं रह गया है।

यह पूरे विश्व में लगातार फैल रहा है। आज आतंकवाद फैलने के मुख्य कारण है:- धर्म, असमानता व अशिक्षा। लोगों को धर्म के नाम पर भड़काया जाता है।

इसमें ज्यादातर युवाओं को घसीटा जाता है। क्योंकि, उन्हें बहलाना बहुत आसान होता है। उन्हें पैसे, जन्नत व लड़कियों जैसे तरीकों से लुभाया जाता है।

कईं लोग इसे गरीबी के कारण भी करते है। इसका एक मुख्य कारण अशिक्षा भी है। जिससे लोगों को तोड़ पाना काफी आसान हो जाता है।

इसके अलावा इस सोशल मीडिया के समय में लोगों को अपनी और आकर्षित करना व अपनी बातों में फ़साना और भी आसान हो गया है।

जैसे-जैसे तकनीकी का विकास हो रहा है, वैसे-वैसे आतंकवाद भी फैल रहा है। आप कईं बार इंटरनेट से जुड़े जुर्म भी देखते होंगे। आज वो भी तकनीकी का सहारा लेकर आतंकवाद को फैला रहे है।

भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवादी भेजता रहता है और अब तो इन आतंकवादियों ने उनके देश में भी हमले करने शुरू कर दिए है।

आज आप अफगानिस्तान की हालत तो देख ही रहे है कि कैसे एक आतंकवादी संगठन ने सम्पूर्ण देश पर कब्ज़ा कर लिया और कैसे उस देश के कानून को खत्म कर दिया।

यह एक काफी गंभीर मुद्दा है। इससे बहुत से आतंकवादी संगठनों को और अधिक बल मिलेगा और वें और अधिक शक्ति के साथ देशो में हमला करेंगे।

जो विश्व की सुरक्षा के लिए एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह समस्या लगातर बढ़ती जा रही है। अब इसे रोक पाना किसी भी एक देश के लिए काफी मुश्किल है।

सबसे पहले तो हमें सभी लोगों को शिक्षित करना होगा। ताकि, लोग अशिक्षा के कारण ऐसे आतंकवादी संगठनों से न जुड़े।

हमें लोगों के सामने धर्म की सही परिभाषा रखनी होगी। ताकि, लोग धर्म को सही तरीके से समझ सके। उन्हें अच्छी नौकरियाँ प्रदान करनी होगी। ताकि, गरीबी के कारण वें इन संगठनों में सम्मिलित न हो।

यह एक बहुत गंभीर समस्या है और इसे रोकने के लिए विश्व के सभी देशों को एकजुट होना होगा। सभी देशों को नईं-नईं तकनीकों का विकास करना होगा।

जिससे इन्हें आसानी से पकड़ा जा सके और इससे युवाओं को रोजगार भी मिल सके। ऐसे देशों को जो सीधे या किसी भी तरीके से आतंकवाद से जुड़े हो।

ऐसे देशो को कड़े से कड़े शब्दों में समझाना होगा व न मानने पर उन पर भिन्न-भिन्न प्रकार के प्रतिबन्ध लगाने होंगे। ताकि, वें इसमें अपनी गतिविधियों पर रोक लगा सके।

जिससे ऐसे संगठनों को मदद मिलना बंद हो जाएगी। विश्व के कईं बड़े देश अपने फायदे के लिए आतंकवाद का उपयोग करते है।

उन्हें भी समझाना बहुत आवश्यक है। क्योंकि, यह एक ऐसा गड्ढा है, जिसमे आप भी गिर सकते है। इसलिए, सयुंक्त राष्ट्र संघ को इस मामले में बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

इन सभी तरीकों से काफी हद तक आतंकवाद को रोका जा सकता है और सम्पूर्ण विश्व को खुशहाल बनाया जा सकता है।

अंत में मैं अपने भाषण को समाप्त करने जा रहा हूँ। आशा करता हूँ कि आपको यह भाषण पसंद आया होगा। आप सभी का मेरा पूरा भाषण सुनने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

अंतिम शब्द

अंत में आशा करता हूँ कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको हमारे द्वारा इस लेख में प्रदान की गई अमूल्य जानकारी फायदेमंद साबित हुई होगी।

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